डी सी एफ, देहरादून सिटी जन्स फॉर ग्रीन दून व सिटी जन्स फोरम ने वार्ता का आयोजन कर शहर के चारों और विशेष कर भानिया वाला से ऋषिकेश व अन्य जगहों पर वृक्षों को कटाने का विरोध कर, चिपको आंदोलन की तर्ज पर आंदोलन करेगा

देहरादून,18(फरवरी )2025, (मंगल वार )आज देहरादून सिटी स्टार होटल निकट बुद्धा चौक में सिटीजन्स फॉर ग्रीन दून एवं डीसीएफ देहरादून सिटीजन्स फोरम के सदस्यों ने एक वार्ता आयोजित की जिसमें शहर के चारों ओर विशेष कर भानियावाला से ऋषिकेश के लिए कटने वाले 33 57 पेड़ एवं नई मसूरी रोड के लिए कटने वाले 20000 से ज्यादा पेड के कटने पडी सी एफ, र गहरी चिंता जाताई गई इस मीटिंग में सदस्यों ने अब तक शहर में जो बेत्यशा पेड कटे हैं उससे शहर के पर्यावरण पर जो बुरा असर पड़ा है पर गहरी चिंता व्यक्त की देवलसारी से आए हुए अरुण गौड़ ने विशेष रूप से पेडों के साथ-साथ वन्य जीवन और शुद्ध पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव पर अपनी बात रखी,सदस्यों ने अगामी 2 मार्च को दिलाराम बाजार से सेंट्रियो मौल तक इन पेडों को काटने से बचने के लिए सुबह 7: 30 बजे एक रेली निकालने का भी निर्णय लिया, यहां पर मुख्यमंत्री द्वार न्यू कैंट रोड पर पेड कटने से बचाने के लिए जिस संवेदना का परिचय दिया गया उस पर भी चर्चा की गई एवं ये विचार हुआ कि इस रेली के माध्यम से और इस मीटिंग के माध्यम से भी मुख्यमंत्री से ये अपील की जाएगी कि इस अन्धढूंड कटने वाले पेडों के संहार को तुरत रोका जाए भानिया वाला ऋषिकेश पेड़ कटान की चर्चा के दौरन वक्ताओं ने ये बात रखी की ये पूरा इलाका शिवालिक रिजर्व का एक भाग है, इस भाग में पेड़ कटान होने से हाथियों के आंदोलन पर बहुत बुरा असर पड़ेगा एवं वह आबादी की ओर आने के लिए मजबूर हो जाएंगे, जिससे मानव वन्य जीव संघर्ष बढ़ेगा और इंसानी जान माल के नुकसान की घाटनाएं वृहद रूप से बढ़ जाएंगी मिश्रसपट्टी और दूधली से आए हुए ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर बेहद खूबसूरत साल के जंगल हैं जिनको मसूरी जाने वाली सड़क के लिए कट दिया जाएगा मसूरी से आए हुए ईशा गुप्ता ने बताया कि जहां पर मसूरी में यह सड़क निकलेगी वहां पर बेहद सुंदर बुरांश बांज और देवदार के पेड़ हैं उनके मुताबिक मसूरी की धारण क्षमता 1990 में ही खत्म हो गई थी मसूरी के वासी भी इस सड़क के बनने से बेहद ना खुश है उनके हिसाब से मसूरी पहले से ही ओवर टूरिज्म का शिकार है एवं इसका पर्यावरण बेहद खराब दौर से गुजर रहा है इसलिए सरकार को इस सड़क को बनाने पर पुनर्विचार करना चाहिए मेहंदी रता जी ने कहा कि जब मसूरी के लिए पहले ही तीन सडक हैं और एक रोपवे बन रहा है तो हमीं एक और सड़क की क्या आवश्यकता है हिमांशु अरोरा ने बैठक का संचालन किया इस बैठक में इरा चौहान परमजीत कक्कड़ रुचि छबि मिश्रा मनोज ध्यानी जी एस रजवार आदि ने अपने विचार रखे

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