उत्तराखंड :देहरादून – 05 अगस्त 2025 – पेनेशिया सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का लाभ अलाभ के विदुर द्वारा दिया गया, जो एक दुर्लभ विकलांग बिमारी ओरोमैंडीब यूनिवर्सल लिंबहोन सिंड्रोम सिंड्रोम (ओएलएचएस) से गंभीर रूप से प्रभावित था। एलएचएस: लिंबहाइनजेन डिजीज सिंड्रोम, जिसे ओएलएचएस के रूप में भी जाना जाता है, इनमें एक दुर्लभ दुर्लभ स्थिति होती है जो रोग, जीभ और जीभ के टुकड़ों के कारण होती है और शरीर में मुंह में मांस भर जाना, जीव का छोटा होना और मुंह में निशान जैसी स्थिति होना आम बात है।
पैनेसिया सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉ. सुमित चोपड़ा (ओरल और मैक्सिलो-फेशियल इंजीनियर) ने बताया कि उत्तराखंड में पहली बार इस तरह का जटिल सर्जिकल ऑपरेशन किया गया है। उन्होंने बताया कि विदुर के माता-पिता पहले भी शहर, चंडीगढ़ के कई इलाकों में इसका इलाज कराते थे लेकिन कहीं भी ठीक नहीं हो पाते थे। पैनेसिया हॉस्पिटल परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सहयोग के लिए आगे बढ़ाया गया और इस बच्चे का प्रभावी ढंग से इलाज किया गया।
विदुर की मां शिवानी और पिता इंदु सरकार ने बताया कि वे पिछले 7 साल से विदुर को लेकर काफी परेशान थे और जहां भी संभव हो सका वे अस्पताल में गए और इलाज की कोशिश की लेकिन ईलाज सफल नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि पेनेशिया हॉस्पिटल के सहयोग से आज मेरा बच्चा लगभग ठीक है। विदुर के दोनों हाथ और पैर भी पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो पाए और यह पिछले सात साल से असंगत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मेरे दोनों और बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हैं लेकिन विदुर के साथ ही यह जटिल समस्या है, इस स्थिति में भी मैं विदुर स्कूल जा रहा हूं और पढ़ाई कर रहा हूं। मैं पैनेसिया हॉस्पिटल के डॉक्टर एवं एमडी रणवीर सिंह चौहान जी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने हमारी आर्थिक स्थिति को समझाया और मेरे बच्चे का स्वैच्छिक ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।
