उत्तराखंड :(देहरादून ),12, (जून ),2025, (गुरुवार )! उत्तराखंड की राजधानी व स्मार्ट सिटी कों आवास विहीन लोंग बदरंग कर रहें है जबकि सरकार द्वारा इन लोगों कों आश्रय देने के उदेश्य से सरकार ने रेन बसेरे बनाएं है, ताकि आवास विहीन लोंग इनमे शरण लें सकें और सुरक्षित रह सकें परन्तु स्तिथि इसके बिल्कुल विपरीत है ये लोंग रेन बसेरे के स्थान पर सड़कों पर दुकानों के बहार रात्रि कों सौ रहें है और रात्रि कों मल मूत्र का विसर्जन खुले में कर शहर कों बदरंग करने के साथ स्वछता कों प्रभावित कर बीमारियों कों निमंत्रण दें रहें है समाज सेवी सविता वर्मा निवासी धामावाला ने बताया कि उनके जैसे सीनियर सिटीजन जब सुबह मॉर्निंग में वॉक करने पैदल निकलते है तों इस प्रकार गंदगी देख कर स्वास्थ्य पे विपरीत प्रभाव पड़ता है, ताजी हवा तों नहीं मिलती अपितु आवास विहीन लोगों के द्वारा खुलेआम रात्रि कों मल मूत्र के विसर्जन से दूषित वातावरण और सबसे बड़ी बात इस गंदगी के बीच से होकर जाना पड़ता है उन्होंने शासन, प्रशासन व डी एम के माध्यम से इसका सज्ञान लें कर आवश्यक कार्यवाही करने का अनुरोध करती है समाज सेवी सविता वर्मा ने कहा स्वच्छ ताजी हवा प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है जो कहीं न कहीं अवश्य प्रभावित हो रहा है उन्होंने जिला प्रशासन से आवास विहीन लोगों कों रेन बसेरे में भेजनें की मांग की उन्होंने कहा कि रात्रि में सड़कों पर व दुकानों पर आश्रय लेने वालों कों रेन बसेरो में भेजा जाना चाहिए और इसको सख़्ती के साथ लागू किया जाना चाहिए इस अवसर पर चंद्र मोहन अरोड़ा, श्री कांत जोशी, कुलदीप सिंह ललकार, राकेश शर्मा, राकेश भट्ट, प्रवेश अरोड़ा, विनोद अरोड़ा, आदि मौजूद थे
