उत्तराखंड में सख्त भू कानून का डर नहीं भू माफिया को, प्रेमनगर के स्मिथ नगर व आस पास की भूमि कृषि पर कहीं दुग्ध देरी तो कहीं प्लॉटिंग की, जनता दरबार में हुई शिकायत पर भी नहीं हुई कार्यवाही, एम डी डी ए की जे इ ने कार्यवाही तो दूर, निरक्षण करना भी जरूरी नहीं समझा, आखिर कौन करेगा कार्यवाही, जिम्मेदारों की जिम्मेदारी आखिर कौन तय करेगा

(क्या ऐसे ही कृषि भूमि पर कब्जे होंगे और राज्य की मशीनरी ऐसे ही देखती रहेंगी )

देहरादून,1 (मार्च )2025, (शनिवार )! एक तरफ राज्य की धामी सरकार सख्त भू अध्यादेश लाई है जिस पर राज्य सरकार आपनी पीठ थप थपा रही है और इस कानून को निर्णायक भी मानती है परन्तु विडंबना है कि राज्य कि अस्थाई राजधानी देहरादून के प्रेम नगर क्षेत्र स्थित स्मिथ नगर व आस पास के क्षेत्र में भू माफ़ीया ने कहीं दुग्ध डेरी बना ली है तो कहीं अवैध प्लॉटिंग कर दी है जबकि जनता दरबार में जनता के द्वारा 17फरवरी को की गईं शिकायत पर कोइ कार्यवाही नहीं की गईं अब भी बे खौफ भू माफ़ीया कृषि भूमि पर अवैध निर्माण की बाड़ आ चुकी है और एम डी डी ए के जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही तो दूर निरक्षण तक नहीं कर रहें है या कहें के कुछ पर्दा दारी हो रही है आखिर क्या ऐसे ही प्रदेश की कृषि भूमि लूट ती रहेंगी और जिम्मेदार आपनी जिम्मेदारी से पल्ला झार लेंगे क्या आखिर ये जिम्मेदारी और जवाबदेही कौन निभाएगा ये सवाल फिजा में तैर रहा है अभी कल ही प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लापरवाह कर्मियों को अनिवार्य सेवा निर्विति के लिए अधिकारीयों को आदेश दिया है अब देखना है की राज्य सरकार ऐसे लापरवाह कर्मियों पर कार्यवाही करती है या नहीं या भू कानून लागू होने के बावजूद भी ऐसे ही भू माफ़ीया अवैध कब्जे करता रहेंगा कार्यवाही तो दूर की बात जे इ ने निरक्षण तक नहीं किया, जबकि जागरूक नागरिकों द्वारा जनता दरबार में भी शिकायत करने के बावजूद कुछ नहीं हुआ और भू माफ़ीया के हौसले बुलंद होते जा रहें है आखिर ऐसे कब तक प्रदेश की बेस क़ीमती कृषि भूमि भू माफ़ीया लूट ते रहेंगे और जिम्मेदार चुप चाप कार्यवाही ना करने के स्थान पर तमाशा देखेंगे जिम्मेदारों की जिम्मेदारी तय कर उन पर भी कार्यवाही होनी चाहिए जो आपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से पल्ला झार देतें है आखिर कब राज्य सरकार इसका सज्ञान लेनी

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