नई दिल्ली :1(मई )2025, (गुरुवार )! सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को एक मामले में फैसले में कहा कि किसी अपराध की शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन जाने वाला हर व्यक्ति सम्मान और उचित व्यवहार पाने का हकदार है ये संविधान के अनुच्छेद 21के तहत व्यक्ति का मौलिक अधिकार है जस्टिस अभय एस ओका और उज्जल भुइया की पीठ ने तमिलनाडु राज्य मानवाधिकार आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को ख़ारिज करते हुए ये टिप्पणी की पीठ ने राज्य मानवाधिकार आयोग के उस फैसले को बहाल रखा है, जिसमें धोखा धड़ी की शिकायत करने थाने गए व्यक्ति के साथ पुलिस इंस्पेक्टर द्वारा दुर्व्यवहार करने और प्राथमिकी दर्ज नहीं करने के मामले में राज्य सरकार पर दो लाख का जुर्माना लगाया था
