श्रीमद् भागवत कथा का प्रतिफल का वर्णन कर चखुवाला के श्री शिव राम मंदिर में आयोजित भागवत ज्ञान कथा सप्ताह के चौथे दिन में कथा व्यास आचार्य सुनील मुमगई ने बताया

श्रीमद् भागवत कथा का प्रतिफल का वर्णन कर चखुवाला के श्री शिव राम मंदिर में आयोजित भागवत ज्ञान कथा सप्ताह के चौथे दिन में कथा व्यास आचार्य सुनील मुमगई ने बताया

 

उत्तराखंड देहरादून, 05 अक्टूबर 2026, सोमवार।* चखुवाला स्थित श्री शिव राम मंदिर में चल रहे श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह के दौरान पूज्य कथा व्यास आचार्य सुनील ममगईं ने कथा करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल कथा नहीं, साक्षात ज्ञान की गंगा है और इसके श्रवण मात्र से जीवन का कल्याण हो जाता है।

 

उन्होंने भागवत कथा के प्रतिफल का वर्णन करते हुए कहा —

 

*1. पितरों की मुक्ति:* भागवत पुराण में स्वयं कहा गया है कि श्राद्ध पक्ष में पितरों के निमित्त भागवत कथा सुनने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसका पुण्य फल सीधे पितरों तक पहुँचता है।

 

*2. पापों का नाश:* जैसे सूर्य के उदय होते ही अंधकार नष्ट हो जाता है, वैसे ही भागवत कथा सुनने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं।

 

*3. भक्ति से शक्ति:* धर्म से भक्ति मिलती है, भक्ति से शक्ति, शक्ति से ज्ञान और ज्ञान से शील व संतोष प्राप्त होता है। यही जीवन की सद्गति है।

 

*4. मोह-माया से मुक्ति:* 84 लाख योनियों में भटकने के बाद मिले इस दुर्लभ मानव जीवन का उद्देश्य क्या है, इसका बोध भागवत कथा से ही होता है।

 

आचार्य श्री ने कहा कि जहाँ भागवत कथा होती है, वहाँ का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक हो जाता है तथा परिवार में सुख-शांति आती है।

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