*प्रेस विज्ञप्ति*
सुरक्षा की पाठ
शाला: स्कूली बच्चों को डिजिट ल दुनिया के खतरों से सजग करने का प्रयास
देहरादून, 25 फरवरी 2025
डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा की अहमियत को ध्यान में रखते हुए, साइबर एंबेस्डर एवं साइबर डिफेंडर हिमांशु पैन्यूली ने गवर्नमेंट अपर प्राइमरी स्कूल, भूड़पुर सहसपुर, देहरादून में छात्र-छात्राओं के लिए एक विस्तृत साइबर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला स्कूल की प्रधानाध्यापिका श्रीमती कनक लता सेमवाल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें बच्चों को ऑनलाइन दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए व्यावहारिक ज्ञान और सुरक्षा उपायों से अवगत कराया गया।
कार्यशाला का मुख्य फोकस: साइबर हाइजीन से लेकर फिशिंग तक
हिमांशु पैन्यूली ने इस सत्र के माध्यम से बच्चों को साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर गहन प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई:
गेमिंग ऐप्स के प्रति सतर्कता: अनजान गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर व्यक्तिगत डेटा साझा करने के जोखिम और इन-ऐप खरीदारी से जुड़ी सावधानियां।
डिजिटल पेमेंट्स की सुरक्षा: यूपीआई, मोबाइल वॉलेट आदि का उपयोग करते समय ओटीपी और पासवर्ड को गोपनीय रखने के तरीके।
पासवर्ड प्रबंधन: मजबूत पासवर्ड बनाने के नियम और उन्हें नियमित अंतराल पर बदलने की आवश्यकता।
सोशल इंजीनियरिंग और फिशिंग: अज्ञात लिंक्स, ईमेल्स, या संदेशों के माध्यम से व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने की कोशिशों को पहचानना।
वाई-फाई सुरक्षा: सार्वजनिक नेटवर्क्स का उपयोग करते समय डेटा लीक होने से बचाव के उपाय।
ऑनलाइन बैंकिंग और कंप्यूटर वायरस: मैलवेयर, रैनसमवेयर से बचाव के लिए एंटीवायरस सॉफ्टवेयर की भूमिका।
डेस्कटॉप और मोबाइल सुरक्षा: डिवाइस अपडेट्स, बायोमेट्रिक लॉक, और ऐप परमिशन्स को समझना।
ईमेल आइडेंटिटी थेफ्ट: नकली ईमेल आईडी से होने वाले धोखाधड़ी के मामलों की पहचान।
प्रधानाध्यापिका ने सराहा सामूहिक प्रयास
इस अवसर पर स्कूल की प्रधानाध्यापिका श्रीमती कनक लता सेमवाल ने कहा, “साइबर अपराधों के इस दौर में बच्चों को तकनीकी जोखिमों से अवगत कराना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। यह कार्यशाला न केवल छात्रों, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), ISEA और staysafeonline.org की यह पहल समय की मांग है।” उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को सरकारी स्तर पर बढ़ावा देने पर जोर दिया।
सरकार और संस्थाओं का सहयोग
यह कार्यक्रम मिनिस्ट्री ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (MEITY ), सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता (ISEA) और staysafeonline.org के सहयोग से आयोजित किया गया, जो देशभर में साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिबद्ध है। हिमांशु पैन्यूली साइबर अम्बेस्डर/डिफेंडर जैसे प्रशिक्षकों का योगदान इस मुहिम को गति देने में महत्वपूर्ण है, विशेषकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में, जहां डिजिटल साक्षरता अभी विकास के चरण में है।
सुरक्षित डिजिटल भविष्य की ओर कदम
इस कार्यशाला ने न केवल बच्चों को साइबर खतरों के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें एक सतर्क डिजिटल नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित भी किया। जैसे-जैसे भारत डिजिटल इंडिया की ओर अग्रसर है, वैसे ही साइबर सुरक्षा की शिक्षा को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का हिस्सा बनाने की आवश्यकता भी बढ़ती जा रही है। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए, ऐसे प्रयास भविष्य में देश को साइबर अपराधों के प्रति एक सुरक्षित और सशक्त पीढ़ी तैयार करने में मील का पत्थर साबित होंगे।