प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी व प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती के साथ रामलाल खंडूड़ी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने जब भी राज्य हितों के मुद्दे या आंदोलनकारियों के मुद्दों पर संघर्ष किया तों उनका हमेशा आशीर्वाद व समर्थन मिलता था। उनके जाने से मजदूर वर्ग व उत्तराखंड में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति है। रामलाल खंडूड़ी एवं पृथ्वी सिंह नेगी ने कहा कि पूर्व कैबिनेट द्वारा किये गये संघर्ष एवं विकास कार्यों कों देहरादून की जनता हमेशा याद रखेगी जिसमें मुख्यतःउन्होंने क्रिकेट टूर्नामेंट कों विशेष पहचान दिलाना हो , ITI पार्क , स्टेडियम निर्माण , अंतरराज्यीय बस अड्डा , जगह जगह ITI व पॉलिटेक्निक खोलना एवं अन्य बहुत से महत्वपूर्ण कार्य रहें। राज्य निर्माण से पहले से ही कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहे हीरा सिंह बिष्ट ने उत्तराखंड बनने के बाद भी संगठन और सरकार दोनों जगह अहम भूमिका निभाई। वह एन.डी. तिवारी की सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर परिवहन, श्रम और तकनीकी शिक्षा विभाग संभाल चुके थे। तीन बार विधायक निर्वाचित हुए बिष्ट जी अपनी सरलता, साफगोई और जनता से जुड़ाव के लिए पहचाने जाते थे।
उनके निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी एवं सत्ता पक्ष व कॉंग्रेस के विधायक व पूर्व विधायकों के साथ सहित सभी दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने शोक जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
आंदोलनकारी मंच की ओर से केशव उनियाल , प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी , पृथ्वी सिंह नेगी , रामलाल खंडूड़ी , ओमी उनियाल , प्रदीप कुकरेती , जयदीप सकलानी , सतेन्द्र भण्डारी , गणेश डंगवाल , सुरेश नेगी , मनोज नौटियाल , मोहन खत्री , महेन्द्र रावत , कुलदीप कुमार , चन्द्रकिरण राणा , धर्मेन्द्र रावत , विपिन नेगी , रविन्द्र सोलंकी , विजय प्रताप मल्ल , प्रदीप करासी , विरेन्द्र रावत , विवेक बलोदी , माहेश्वरी कंडारी , संगीता रावत , मोहन खत्री , विनोद असवाल , क्रांति अभिषेक , प्रभात डण्डरियाल आदि मौजूद रहें।
