सयुंक्त नागरिक संगठन देहरादून द्वारा आयुक्त गढ़वाल एवं एमडीडीए के अध्यक्ष आनंद स्वरूप से भेंट वार्ता कर एमडीडीए के मास्टर प्लान 2041का प्रकाशन राजभाषा हिंदी में प्रकाशित करने व शहर की ट्रैफिक जाम, अतिक्रमण, पार्किंग सुविधाओं के अभाव, प्रदूषण से जुड़े मुद्दे उठाकर इनका निराकरण करने की कि मांग 

* इनका निराकरण करने की कि मांग

 

 

उत्तराखंड, देहरादून, 4जुलाई,2026,संयुक्त नागरिक संगठन का शिष्टमंडल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के आधार पर आयुक्त गढ़वाल एवं एमडीडीए के अध्यक्ष आनंद स्वरूप से एमडीडीए के मास्टर प्लान 2041 को राजभाषा हिंदी में प्रकाशितहै किए जाने की मांग तथा शहर की सड़कों पर लगते ट्रैफिक जाम,अतिक्रमण,पार्किंग की सुविधाओं के अभाव,प्रदूषण व उनसे जुड़े विषयों कों लेकर सुझावों के साथ गढ़वाल आयुक्त के कार्यालय में पहुंचा।इनकी अनुपस्थिति अपर आयुक्त उदय सिंह चौहान से मुलाकात कर सभागार में विस्तृत वार्ता की गई और शहर की बिगड़ती व्यवस्थाओं पर सुधार हेतु सुझाव दिये गए।यहां *माननीय उच्च न्यायालय के आदेश 2018 के क्रम में प्राधिकरण के नेतृत्व में पुनः टास्क फोर्स गठित कर अतिक्रमण हटाने* आदि विषयों को लेकर गम्भीर चर्चा हुई।

सेवानिवृत प्रधानाचार्य एवं आशा डोभाल के साथ सुशील त्यागी ने कहा कि आम जनमानस की सुविधा हेतु मास्टर प्लान कों सर्वप्रथम हिन्दी में छापा जायं क्योंकि उत्तराखंड राजभाषा अधिनियम 2009 के प्राविधानों के अंतर्गत मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा मास्टर प्लान को हिंदी में भी प्रकाशित कराना शासन के आदेशों के अंतर्गत बाध्यकारी है। इसलिए आयुक्त को निर्देश जारी करने चाहिए़।इसके तहत राज्य के सभी प्रशासनिक कार्य, शासनादेश और आम जनता से जुड़े सूचनापट्ट अनिवार्य रूप से देवनागरी लिपि में हिंदी में होने चाहिए।

“उत्तराखंड राजभाषा अधिनियम, 2009″इस अधिनियम के अनुसार राज्य सरकार के सभी अध्यादेश कानून,अधिसूचनाएं, और जनता से संबंधित कोई भी आधिकारिक दस्तावेज केवल देवनागरी लिपि में हिंदी में जारी किए जाएंगे। ऐसे ही सामान्य प्रशासन विभाग के शासनादेश वर्ष 2008, 2011 और 2017 (विशेष रूप से पत्र संख्या-845) में जारी शासनादेशो के माध्यम से सभी विभागों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे अपना समस्त कार्य अनिवार्य रूप से हिंदी में, करें। जनता के हिंदी भाषा में प्राप्त आवेदनों और पत्रों का उत्तर अनिवार्य रूप से हिंदी में दिया जाना चाहिए। प्रदीप कुकरेती एवं कर्नल बीo एमo थापा के साथ विनोद नौटियाल ने कहा कि मास्टर प्लान में गम्भीर भूकम्प क्षेत्र कों लाल रंग से स्पष्ट अंकित किया जायं साथ ही सड़कों के मानकों के साथ पार्कों और आवास क्षेत्र में हरियाली का उचित प्रावधान किया जायं। पूर्व पार्षद व सोसायटी वेलफेयर के अध्यक्ष देवेन्द्र मोन्टी ने कहा कि इन प्राविधानों के होते हुए भी संदर्भित प्राधिकरण द्वारा मास्टरप्लान 2041 अंग्रेजी में जारी हुआ जबकि अधिकांश स्टेक होल्डर्स दून के हिंदी भाषी हैं इसलिए जबतक प्लान 2041 हिंदी में नहीं प्रकाशित होता है तब तक इसपर जनता के सुझाव आपत्ति लेना अन्याय होगा। MDDA यह भी आवासीय व कमर्शियल क्षेत्र अलग अलग अंकित करें और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर गंभीरता से नियम लागू करें तथा प्राधिकरण को अपने स्तर से आवश्यक निर्देश जारी करने जनहित में जरूरी हैं।अपर आयुक्त गढ़वाल ने बिन्दुवार सुझावों कों सुना पर शिष्टमण्डल कों आश्वासन दिया कि आपके यह अमूल्य सुझाव हैं इन्हें जल्द आयुक्त गढ़वाल के समक्ष रखा जाएगा।

शिष्टमण्डल में मुख्यतः कर्नल बीo एमo थापा,सुशील त्यागी,देवेन्द्र पाल सिंह मौंटी,एसoपीo चौहान, विनोद नौटियाल,दिनेश भण्डारी, आशा डोभाल,उमेश्वर सिंह रावत, अतुल कुमार गुप्ता,ठाकुर शैर सिंह , मोहन सिंह खत्री,पदमेन्द्र सिंह बर्त्वाल,मुकेश नारायण शर्मा , अवधेश शर्मा,प्रदीप कुकरेती आदि थे।

 

 

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