हाईकोर्ट के आदेशों के पूर्ण अनुपालन के लिए ‘टास्क फोर्स’ के पुनर्गठन की मांग, -संयुक्त नागरिक संगठन ने कोर्ट के आदेशों की अवमानना पर जताई चिंता

देहरादून, वरिष्ठ संवाददाता। राजधानी देहरादून में सड़कों और फुटपाथों पर बढ़ते अतिक्रमण और सड़कों पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम के स्थाई समाधान के लिए एक बार फिर आवाज बुलंद होने लगी है।संयुक्त नागरिक संगठन ने शासन के अधिकारियों से 2018 में गठित ‘टास्क फोर्स’को पुनर्गठित कर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का अनुरोध किया है।

संयुक्त नागरिक संगठन के महासचिव सुशील त्यागी ने मुख्य सचिव,सचिव आवास,एमडीडीए उपाध्यक्ष को ज्ञापन प्रेषित करते हुए बताया है कि नैनीताल उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 18 जून 2018 को आदेश पारित कर शासन को अतिक्रमण हटाने को आदेशित किया था लेकिन आदेशों का पूर्णतय: पालन नहीं हुआ।इसलिए शासन से एक प्रभावी व नवगठित ‘टास्क फोर्स’ बनाकर सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। अधिकारियों को सौंपे गए पत्र में रोष जताया गया है कि पूर्व में एम डीडीए के नेतृत्व में गठित टास्क फोर्स अपने दायित्वों का निर्वहन करने में पूर्णतया सफल नहीं हुई है है।जिम्मेदार अफसरों ने कोर्ट के आदेशों का पूरा अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया। इस कारण आज भी आम जनता जाम और अव्यवस्था से पीड़ित है।कहा कि सार्वजनिक सड़कों और गलियों से सभी अवैध निर्माणों को तत्काल ध्वस्त किया जाए।व्यावसायिक उपयोग में लाए जा रहे आवासीय परिसरों और पार्किंग के बजाय दुकानदारी के लिए इस्तेमाल हो रहे बेसमेंट/तहखानों को तुरंत सील किया जाए। कहा कि जिम्मेदार अधिकारी फुटपाथ व सड़कों से अतिक्रमण से मुक्त करें।

लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई हो

संगठन ने कहा कि जिन अधिकारियों व कर्मचारियों के कार्यकाल में सरकारी,नगर निगम या वन भूमि पर अतिक्रमण हुआ है, उनके खिलाफ शासन स्तर से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।जिन दुकानदारों ने पुनर्वास का लाभ ले लिया है लेकिन पुरानी जगह खाली नहीं की,उनके पट्टे रद्द कर दुकानें फिर से नीलाम की जाएं। कहा कि कंपाउंडिंग (शमन शुल्क) के नियमों में बदलाव हो। ताकि लोग जुर्माना देकर अवैध निर्माण को वैध न करा सकें। रिस्पना नदी के किनारों और नदी तल से तीन महीने के भीतर सभी अवैध कब्जे हटाकर नदी को उसके पुराने स्वरूप में बहाल किया जाए।

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