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*देहरादून।* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि *अगले 1 वर्ष तक सोना न खरीदें, अनावश्यक विदेश यात्राओं पर रोक लगाएं और वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दें।* आखिर क्यों देश के प्रधानमंत्री को जनता से ऐसी अपील करनी पड़ी? इसके पीछे छिपे आर्थिक कारणों को समझना जरूरी है।
*1. अपील क्यों? – महंगाई की असली जड़*
भारत हर साल *800-900 टन सोना आयात* करता है। 2025-26 में सोने का आयात बिल *45 अरब डॉलर* पार कर गया। हर 10 ग्राम सोना खरीदने पर *डॉलर बाहर जाता है, रुपया कमजोर होता है।* रुपया कमजोर = पेट्रोल-डीजल महंगा = ट्रांसपोर्ट महंगा = सब्जी से लेकर साबुन तक महंगा।
*विदेश यात्रा* पर भारतीयों ने पिछले साल *17 अरब डॉलर* खर्च किए। ये पैसा भी डॉलर में बाहर गया। नतीजा? *डॉलर की डिमांड बढ़ी, रुपया 87 पार चला गया।*
*PM की अपील सीधी है:* डॉलर बचाओ, रुपया बचाओ, महंगाई घटाओ।
*2. “वर्क फ्रॉम होम” – तेल बचाओ, महंगाई घटाओ*
कोरोना में हमने सीखा कि 40% काम घर से हो सकता है। अगर 1 करोड़ लोग हफ्ते में 2 दिन भी WFH करें तो *सालाना 300 करोड़ लीटर पेट्रोल बचेगा = 25 हजार करोड़ रुपये की बचत।* तेल आयात घटेगा = महंगाई घटेगी। ये देशभक्ति का नया रूप है।
*3. याद है “हाय महंगाई कहां से आई”?*
1974 में फिल्म _रोटी कपड़ा और मकान_ का गाना *”हाय महंगाई कहां से आई, कैसे आई, किसने बुलायी”* हर जुबान पर था। तब युद्ध, तेल संकट और खराब फसल से महंगाई 25% पहुंच गई थी। मनोज कुमार का दर्द आज भी सच है।
*फर्क बस इतना है:* तब सरकार से सवाल था, आज सरकार जनता से सहयोग मांग रही है। तब महंगाई “आई” थी, आज हम उसे “बुला” रहे हैं – सोना खरीदकर, दुबई-सिंगापुर घूमकर।
*4. इतिहास गवाह है – जब देश ने संयम दिखाया*
*1962 चीन युद्ध:* महिलाओं ने सोना रक्षा कोष में दान दिया।
*1965 पाकिस्तान युद्ध:* लाल बहादुर शास्त्री के कहने पर देश ने सोमवार व्रत रखा।
*आज आर्थिक युद्ध है:* दुश्मन है डॉलर, हथियार है बचत।
*5. क्या 1 साल सोना न खरीदने से फर्क पड़ेगा?*
*जी हां।* अगर 1 साल सोना आयात 30% भी घटा तो *13 अरब डॉलर बचेंगे।* इतने में 2 महीने का तेल आयात हो सकता है। रुपया 2-3 रुपये मजबूत होगा = पेट्रोल ₹5 सस्ता = हर चीज सस्ती।
*ये तपस्या है – आज का संयम, कल की राहत।*
*6. विरोधियों के सवाल और जवाब*
कुछ लोग कहेंगे “गरीब सोना कहां खरीदता है?”
*जवाब:* मध्यम वर्ग जब सोना नहीं खरीदेगा तो ज्वेलर्स का इम्पोर्ट घटेगा। डॉलर बचेगा। फायदा गरीब को ही होगा – आटा-दाल सस्ता होकर।
*”विदेश यात्रा पर रोक क्यों?”*
*जवाब:* जरूरी यात्रा कोई नहीं रोक रहा। मॉलदीव में सेल्फी के लिए डॉलर बहाना बंद करो। देश में केदारनाथ, कश्मीर, कन्याकुमारी घूमो – पैसा देश में रहेगा।
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*निष्कर्ष: महंगाई सरकार अकेले नहीं रोक सकती, इसमें सभी का सहयोग जरूरी है कि जब देश का प्रधानमंत्री प्रधान सेवक की जनता से अपील आखिर जनसहभागिता को बढ़ावा देने का कार्य करेंगी, विदेशी मुद्रा बचाने के लिए उनकी अपील पर अमल कर जहा हम देश के वित्त भार को मजबूत कर सकते हैं वहीं महंगाई पर भी काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं ये तभी सफल होगा जब इसमें सभी सहयोगी बनें, सबका साथ व सबका विकास जरूरी है ये विजन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश वासियों से अपील करना महत्वपूर्ण है और निश्चित ही इसका अपना प्रभावशाली प्रभाव पड़ेगा। वहीं देश हमें देता है, सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें के भाव से हमें समर्पित होकर इन उपायों पर विवेक पूर्ण तरीके से अमल करना होगा निश्चित ही ये तरीके प्रभावशाली साबित होंगे और देश के वित्त भार को मजबूत बनाने व महंगाई पर अंकुश लगाने वाले होंगे। जो कि समय की सबसे बड़ी जरूरत है बिना जन सहयोग के कुछ नहीं हो सकता हैं इसी लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आग्रह या अपील करनी पड़ी।
PM मोदी की अपील *”आर्थिक अनुशासन”* की है। 1974 में “हाय महंगाई” गाकर रोये थे। 2026 में “जय बचत” अपनाकर महंगाई को हराएंगे।
*सोना 1 साल बाद भी मिलेगा, पर सस्ता आटा-दाल आज चाहिए।*
*विदेश अगले साल भी रहेगा, पर आज रुपया मजबूत चाहिए।*
देश बड़ा है, तो सोच भी बड़ी रखनी पड़ेगी। *ये अपील नहीं, आर्थिक आंदोलन है।*
*– कुलदीप सिंह*
*संपादक, अटल लक्ष्य न्यूज़ पोर्टल*
*11 अक्टूबर 2026, सोमवार ,देहरादून*