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*प्रस्तावना: 2047 का सूर्योदय*
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने लाल किले की प्राचीर से जब “विकसित भारत @2047” का आह्वान किया, तो वह केवल एक नारा नहीं था। वह 140 करोड़ देशवासियों के लिए 25 वर्ष का रोडमैप था। 1947 में हमने राजनीतिक स्वतंत्रता पाई थी, 2047 में हमें आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परम-वैभव पाना है। यह संकल्प तभी सिद्ध होगा जब “सरकार का प्रयास” और “जनता की सहभागिता” एक ही धुरी पर घूमेंगे।
*1. विकसित भारत का अर्थ: केवल GDP नहीं, GEP भी*
विकसित भारत का मतलब है –
– *आर्थिक:* 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, हर हाथ को काम
– *सामाजिक:* 100% साक्षरता, हर घर जल, हर घर आयुष्मान
– *सामरिक:* आत्मनिर्भर रक्षा, आपदा-प्रतिरोधी समाज
– *सांस्कृतिक:* विरासत पर गर्व, नवाचार पर नजर
– *पर्यावरणीय:* कार्बन न्यूट्रल, स्वच्छ गंगा से स्वच्छ गगन तक
परंतु यह सब “Gross Domestic Product” से नहीं, “Gross Environmental Participation” और “Gross Emotional Partnership” से पूरा होगा। यानी जनता का जुड़ना जरूरी है।
*2. जनसहभागिता: संकल्प से सिद्धि का सेतु*
*इतिहास गवाह है:* स्वतंत्रता आंदोलन चरखे से जीता गया था, स्वच्छ भारत मिशन झाड़ू से जीता गया। अब विकसित भारत का युद्ध “जन-भागीदारी” के हथियार से जीता जाएगा।
*कैसे? 5 सूत्र:*
1. *संकल्प से सृजन:* हर नागरिक 2047 के लिए 1 संकल्प ले – “मैं अपने गाँव को डिजिटल करूंगा”, “मैं 10 बच्चों को पढ़ाऊंगा”, “मैं जल संरक्षण करूंगा”। 140 करोड़ संकल्प = 140 करोड़ कदम।
2. *स्थानीय से वैश्विक:* “वोकल फॉर लोकल” अपनाकर हर जिले को निर्यात हब बनाना। देहरादून का बासमती, उत्तरकाशी का सेब, पिथौरागढ़ की ऊन – दुनिया की मंडी तक पहुंचाना हमारा काम।
3. *युवा शक्ति, राष्ट्र भक्ति:* NEP 2020, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया के जरिए युवा केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बने। अटल लक्ष्य पोर्टल पर हम हर हफ्ते 1 युवा उद्यमी की कहानी छापेंगे।
4. *नारी शक्ति, राष्ट्र शक्ति:* ड्रोन दीदी से लखपति दीदी तक – जब आधी आबादी आर्थिक रूप से सक्षम होगी, तो भारत अपने आप विकसित होगा।
5. *आपदा से अवसर:* सिविल डिफेंस के वार्डन के रूप में मेरा अनुभव कहता है – शांति काल में प्रशिक्षित नागरिक ही युद्ध काल और आपदा काल में राष्ट्र की असली ढाल है। हर मोहल्ले में आपदा मित्र, हर स्कूल में सुरक्षा क्लब – यही विकसित भारत की बुनियाद है।
*3. उत्तराखंड का दायित्व: देवभूमि से विकसित भूमि तक*
प्रधानमंत्री जी कहते हैं – “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक है”। क्यों?
– *ऊर्जा प्रदेश:* जल विद्युत से ग्रीन हाइड्रोजन तक
– *पर्यटन प्रदेश:* तीर्थाटन से वेलनेस टूरिज्म तक
– *सैन्य प्रदेश:* हर परिवार से फौजी, हर फौजी से विकसित भारत का प्रहरी
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में “सशक्त उत्तराखंड @2025” मिशन चल रहा है। जब 2025 में उत्तराखंड सशक्त होगा, तभी 2047 में भारत विकसित होगा। इसलिए अटल लक्ष्य का संकल्प है – सरकार की हर योजना को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना।
*4. मीडिया की भूमिका: संकल्प का संचार*
अटल लक्ष्य RNI रजिस्टर्ड राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल के रूप में प्रण लेता है:
1. *हर दिन 1 खबर:* विकसित भारत से जुड़ी – नई स्टार्टअप, नई खोज, नई प्रेरणा
2. *हर हफ्ते 1 संवाद:* DM, CDO, वैज्ञानिक, उद्यमी से लाइव चर्चा
3. *हर महीने 1 अभियान:* “मेरा गांव, विकसित गांव” – पाठकों की सफलता की कहानी
क्योंकि हम मानते हैं – “खबर केवल सूचना नहीं, प्रेरणा है। और प्रेरणा ही जनसहभागिता की जननी है।”
*निष्कर्ष: 25 साल, 25 कदम, 1 भारत*
2047 अभी दूर है, पर 2026 आज है। आज का 1 कदम – प्लास्टिक छोड़ना, डिजिटल पेमेंट करना, बेटी पढ़ाना, पेड़ लगाना – वही 2047 की इमारत की ईंट है।
सरकार नीति बनाएगी, संसाधन देगी। परंतु उस नीति को “नीयत” और संसाधन को “संसिद्धि” में बदलने का काम मैं, आप, हम सबको करना है।
*आइए, अटल लक्ष्य के साथ संकल्प लें:*
*”मैं विकसित भारत का निर्माणकर्ता हूं। मेरा श्रम, मेरा समय, मेरा कर – सब राष्ट्र के नाम।”*
क्योंकि जब 140 करोड़ लोग एक साथ कदम बढ़ाएंगे, तो 2047 का सूरज समय से पहले उगेगा। और दुनिया कहेगी – “ये है नया भारत, ये है विकसित भारत”।
*जय हिंद, जय उत्तराखंड, जय विकसित भारत।*
*– सरदार कुलदीप सिंह*
*संपादक, अटल लक्ष्य न्यूज पोर्टल* , सेक्टर वार्डन पोस्ट 9 नॉर्थ डिवीजन देहरादून।