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“नियम सिर्फ जनता के लिए या पुलिस के लिए भी?” – शनिवार रात की एक घटना ने हिला कर रख दिया पुलिस महकमा, NSUI ने खोला मोर्चा!
देहरादून: राजधानी के राजपुर रोड स्थित एक बार-रेस्टोरेंट में शनिवार रात जो हुआ, उसने उत्तराखंड पुलिस की अंदरूनी खींचतान को सरेआम कर दिया है। एक तरफ आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप पर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ पुलिस मुख्यालय ने इस मामले को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है।
🔍 आखिर उस रात क्या हुआ? (पूरा मामला)
आईजी का सवाल: बताया जा रहा है कि आईजी सपरिवार डिनर कर रहे थे, तभी बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात थी। आईजी ने सवाल उठाया कि एक ही जगह इतनी फोर्स क्यों? अगर शहर में कहीं और अपराध हो जाता तो ज़िम्मेदार कौन होता?
अधिकारियों पर गाज: पुलिस मुख्यालय (एडीजी वी. मुरुगेशन) ने सख्ती दिखाते हुए आईजी और एसएसपी से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।
एसपी सिटी की सफाई: इस विवाद में नाम आने पर प्रमोद कुमार ने साफ कहा कि वे मौके पर नहीं, बल्कि कुठाल गेट पर चेकिंग में व्यस्त थे।
⚖️ नियमों की धज्जियां या सिर्फ इत्तेफाक?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश हैं कि बार रात 12 बजे तक ही खुलेंगे। पुलिस ‘ऑपरेशन प्रहार’ चला रही है, लेकिन जब अधिकारी खुद वहां मौजूद हों, तो सवाल उठना लाजमी है।
🚩 राजनीति शुरू: NSUI का हल्ला बोल
छात्र संगठन NSUI ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि पुलिस आम जनता पर तो डंडे चलाती है, लेकिन अपने अधिकारियों के ‘डिनर’ पर खामोश रहती है। उन्होंने राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।
🔥 आज का सबसे बड़ा सवाल:
क्या खाकी के अंदर चल रही यह खींचतान देहरादून की सुरक्षा को खतरे में डाल रही है? क्या नियम बनाने वाले अधिकारियों को खुद उन नियमों की मिसाल नहीं