नई दिल्ली,12/1/2025, रविवार, सुप्रीम कोर्ट ने कहाँ की पति के साथ रहने के आदेश का पालन नहीं करने के बाद भी महिला को पति से भरण पोषण का अधिकार है जब उसके पास साथ रहने से इंकार करने का वैध कारण हो मुख्य न्याय धीस संजीव खन्ना और नयायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने इस सवाल पर कानूनी विवाद का निपटारा कर दिया कि क्या वैवाहिक अधिकारों कि बहाली का आदेश रखने वाला पति महिला द्वारा साथ रहने के आदेश का पालन ना किये जाने कि स्थिति में कानूनी आधार पर आपनी पत्नी को गुजारा भता देने से मुक्त है पीठ ने कहाँ कि इस सम्बन्ध में कोहि सख्त नियम नहीं हो सकता है यह हमेशा मामले कि परिस्थिति यों पर निर्भर होना चाहिए पीठ ने कहाँ कि यह व्यक्ति गत मामले के तथ्यों पर निर्भर करेगा और उपलब्ध सामग्री तथा सबूतों के आधार पर यह तय करना होंगा कि क्या साथ रहने के आदेश के बावजूद पत्नी के पास पति के साथ रहने से इंकार करने का वैध और पर्याप्त कारण है पीठ ने यह आधिकारिक फैसला झारखण्ड के एक अलग रह रहें दम्पति के मामले में दिया जिनका विवाह 1मई 2014 को हुआ था, लेकिन अगस्त 2015 में अलग हो गए
