उत्तराखंड :(देहरादून ),5(जून ),2025, (वीर वार )!
विश्व पर्यावरण दिवस पर मैड संस्था के जोशीले युवाओं की टीम ने **चलो टपकेश्वर**अभियान के अंतर्गत यहां मंदिर तथा मोक्ष धाम क्षेत्र के साथ टोंस नदी में उतरकर माता की चुनरी, देवी देवताओं की खंडित मूर्तियां, टूटी कांच की चूड़ियां,ड्रग्स तंबाखू चिप्स के खाली रैपर,फटे सिगरेट बीड़ी के कागज,पूजा सामग्री,प्लास्टिक कैन,शवों के कपड़े,प्लास्टिक के गिलास आदि अपने हाथों से उठाकर बैगों में इकट्ठा किया।टीम के साथ पराशक्ति, हौसला फाऊंडेशन,बेस्ट वॉरियर्स के स्वयंसेवक भी शामिल थे।इन्होंने नदी में फैलाई जा रही गंदगी को जलचर जीवो के लिए मौत का समान बताते हुए मंदिर प्रशासन से अनुरोध किया कि श्रद्धालुओं को यहां गंदगी न फैलाने के लिए बाध्य किया जाना प्रेरित जरूरी है तभी हम पर्यावरण बचा सकते हैं।अभियान के बाद संयुक्त नागरिक संगठन की ओर से मंदिर परिसर में आयोजित फलाहार स्वल्पाहार कार्यक्रम में मैड के लीडर ने संगठन के चंद्रगुप्त विक्रम द्वारा अभियान को सफल बनाने में दिए गए 70 रीयूजेबल ग्लोब्स के जोड़े उपलब्ध कराने पर आभार व्यक्ति किया। यहां उपस्थित युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कहा पर्यावरण के संरक्षण के लिए हमें प्रतिदिन स्वच्छता अभियान में सहभागी बनकर पूरे देहरादून को साफ सुथरा बनाना होगा।इनका यह भी कहना था की दून घाटी में पेड़ों की जगह उगते कंक्रीट के जंगल हमारी जिंदगी के लिए खतरा बना रहे हैं इस प्रवृत्ति को रोका जाना जरूरी है।कुछ लोगो का विचार था की विगत वर्षों में दून में सरकारी तथा गैरसरकारी स्तर पर लाखों की संख्या में पौधे रोपे गए हैं। लेकिन संरक्षण के अभाव में अधिकांश अपनी मौत मर चुके हैं। इसलिए पौधारोपण के साथ पौधा संरक्षण हमारी प्राथमिकताएं होनी चाहिए।वक्ताओं में ब्रिगेडियर केजीबहल,चंद्रगुप्त विक्रम,आचार्य विपिन जोशी,अवधेश शर्मा,ताराचंद गुप्ता,प्रदीप कुकरेती,मुकेश शर्मा तथा अभियान के भागीदारों में मौसमी भट्टाचार्य,अर्पित,आरती बिष्ट ,आशीष,अंबिका,राहुल रावत,बलराम गौर,श्रीवत,अनीश सिंह,अर्पित गर्ग,अंबिका निषाद, आशीष वर्मा,प्रिंस कपूर,पार्थ, अक्षिता,खुशबू ,महक, उत्कर्ष गौर, सार्थक अरोड़ा, खुशी भट्ट आदी शामिल थे। । प्रेषक सुशील त्यागी सचिव संयुक्त नागरिक संगठन देहरादून