देहरादून : 8(मार्च ),2025(शनिवार )!एक तरफ राज्य सरकार कृषि भूमि कों भू माफ़ीया से बचाने हेतु जन भावना में भू कानून लागू करती है और प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी जहाँ प्रदेश कि एक इंच कृषि भूमि कों भू माफ़ीया से नहीं लूटने देंगे की बात करते है वहीं ज्यादा दूर क्यों जाना प्रदेश की अस्थाई राजधानी देहरादून के प्रेमनगर के पास स्मिथ नगर व आस पास कृषि भूमि पर अवैध कब्जे कर भू माफ़ीया की धमक खुले आम चल रही है प्रेमनगर के स्मिथ नगर में खसरा नंबर 542-543 पर अवैध निर्माण की शिकायत 17 फरवरी कों करने के बावजूद कोई कार्यवाही ना होना सरकार और शासन की कथनी और करनी में साफ फर्क बताता है इस शिकायत पर कोई कार्यवाही ना करना दिखाता है कि राज्य कि नौकर साही अधिकारी राज्य कि संपत्ति यों कि रक्षा के लिए कितने संकल्प वाले है वहीं निरक्षण ना करने वाली जे इ एम डी डी ए जिन्होंने निरक्षण तक नहीं किया था उन्होंने प्रेमनगर के स्मिथ नगर के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा समाचार पत्रों व कुछ पोर्टल में खबर छापने के बाद मात्र निरक्षण कर आपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से पल्ला झार लिया है वहीं क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने नाम ना छापने कि शरत में बताया कि जे इ का रवैया पूर्ण तरीक़े से मामले में लीपा पोती का रहा है उन्होंने निरक्षण करने कि औपचरिक ता निभाकर उस पर कार्यवाही ना कर भू माफ़ीया कों खुली छूट दे दिये है प्रबुद्ध नागरिकों का साफ कहना है अवैध निर्माण कर्ताओ कों कोई नोटिस तक नहीं दिया गया और शनिवार व इतवार कि छुट्टी के बहाने भू माफ़ीया कों खुली छुट्ट दे दी है क्या राज्य सरकार के कर्मियों द्वारा इस प्रकार राज्य के भूमि और संसाधनों कों ऐसे ही कब तक लुटाया जाएगा प्रबुद्ध नागरिक कह रहें है कि शिकायत के बाद भी भू माफ़ीया के हौसले बुलंद है और अब तो बे खौफ हो कर कृषि भूमि में लैंटर डाला जा रहा है वहीँ जिम्मेदारों कि भूमिका कि सर्वत्र चर्चाएं हो रही है और इससे राज्य सरकार कि नीति व छवि पर भी प्रभाव पड़ रहा है और जिम्मेदार खामोश बैठे है क्या राज्य सरकार जन हित कि अनदेखी करने वालों पर कब लगाम लगाई गी ये सवाल फ़िजाओ में तैर रहा है
