गृह मंत्रालय की 1930 सेवा पर सवाल: ठगी पीड़ितों को CSC के नाम पर टरका रही है हेल्पलाइन
उत्तराखंड,देहरादून, 09 अक्टूबर 2026
एक तरफ गृह मंत्रालय भारत सरकार धोखाधड़ी होने पर 1930 पर कॉल करने को कहती है, वहीं दूसरी तरफ 1930 सेवा पीड़ितों को CSC सेंटर के नाम पर टरका कर पिंड छुड़ा रही है।
मामला देहरादून का है। अपने साथ हुई ठगी, धोखाधड़ी और विश्वासघात की शिकायत करने पर पीड़ित व सामाजिक-मानवाधिकार कार्यकर्ता को टालमटोल भरा जवाब मिला। कहा गया कि 1930 की कोई भूमिका नहीं है, आप CSC सेंटर जाओ। न तो लिखित शिकायत स्वीकार की जाती है और कहा जाता है कि सिर्फ CSC की ऑनलाइन की हुई शिकायत पर ही कार्यवाही होगी।
सवाल उठता है कि जब 1930 सेवा की कोई भूमिका ही नहीं है और सब कुछ CSC सेंटर ने ही करना है, तो 1930 सेवा में लगे कार्मिकों की भूमिका क्या है? क्या उनकी भूमिका सिर्फ वेतन और भत्ते लेने तक ही सीमित है?
इसको लेकर सामाजिक व मानवाधिकार कार्यकर्ता कुलदीप सिंह ने कहा कि उनके साथ हाल ही में घटी घटना को लेकर आज दिन में 1930 पर कॉल करने पर महिला कार्मिक द्वारा दिया गया यह उत्तर सुनकर वे हतप्रभ रह गए।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या 1930 की बहुप्रचारित सेवा मात्र वेतन-भत्ते ठिकाने लगाने का माध्यम बन चुकी है? क्या इसका आम आदमी या पीड़ित की सहायता व सहयोग से कोई लेना-देना नहीं है? अगर ऐसा है तो ऐसी सेवा नहीं चाहिए।वहीं 1930 का कार्य यह होता है कि जिस खाते में आम आदमी की मेहनत की कमाई कों लुटा जाता है उसे होल्ड कराना होता है ये काम csc सेंटर कतई नहीं कर सकता है ऐसी गलत जानकारी दें कर गुमराह करने वाली कार्मिक की पहचान उजागर कर गुमराह करने के लिए उन पर कार्यवाही सुनिश्चित की जानी चाहिए