संविधान का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा”— विकास चौहान

*”संविधान का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा”— विकास चौहान

 

*सम्मानित उप जिलाधिकारीसुरी महोदय, मीडिया के साथीगण, और मेरे सभी क्रांतिकारी साथियों*

 

*जय भीम! जय संविधान! जय भारत!*

 

अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युव जन समाज रजिस्टर्ड उत्तराखण्ड प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री विकास चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि आज हम सब यहां क्यों इकट्ठा हुए हैं?

क्योंकि 8 अगस्त 2026 को उत्तराखंड के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में *लोकतंत्र और संविधान पर हमला हुआ है।*

 

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष, देश के वरिष्ठ नेता, *आदरणीय श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी* वहां एक जनसभा को संबोधित करने आए। उन्होंने न किसी धर्म का नाम लिया, न किसी जाति का। उन्होंने सिर्फ सरकार से सवाल पूछे – महंगाई के, बेरोजगारी के, किसानों के।

 

लेकिन जैसे ही उनका भाषण खत्म हुआ, कुछ लोगों ने उसी मंच पर *’शुद्धिकरण’ के नाम पर हवन कर दिया।*

 

साथियों मैं पूछता हूं – *ये कैसा शुद्धिकरण है?*

क्या लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाने वाले नेता का मंच इस तरह “अपवित्र” हो जाता है?

क्या एक दलित नेता के बोलने के बाद मंच को धोना, उसे “शुद्ध” करना, ये *मनुवाद की सोच नहीं है?*

क्या ये *संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 17 का खुला उल्लंघन नहीं है?*

 

खरगे साहब ने राज्यसभा में कहा – _”मैं दलित हूं, मैं लड़ता हूं। लेकिन आप मेरे साथ अछूत जैसा व्यवहार करते हैं।”_

 

साथियों ये अपमान सिर्फ खरगे जी का नहीं है। ये अपमान *बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का है।*

ये अपमान *उत्तराखंड के हर दलित, हर पिछड़े, हर उस व्यक्ति का है* जो संविधान में विश्वास रखता है।

 

हम पूछना चाहते हैं – अगर विपक्ष के नेता के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम दलित के साथ क्या होगा?

 

इसलिए हम *अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युव जन समाज, उत्तराखण्ड* आज जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति जी से मांग करते हैं:

 

1. इस घटना की *उच्च स्तरीय जांच* हो।

2. दोषियों पर *SC/ST एक्ट* के तहत मुकदमा दर्ज हो।

3. सरकार ये सुनिश्चित करे कि भविष्य में दोबारा ऐसी *नफरत और भेदभाव* की घटना न हो।

 

साथियों याद रखो – *संविधान जिंदा है, और हम उसे जिंदा रखेंगे।*

नफरत से नहीं, मोहब्बत से देश चलेगा। भेदभाव से नहीं, बराबरी से देश चलेगा।

 

अंत में इतना ही कहूंगा –

*”जिस दिन इंसान को इंसान नहीं समझा जाएगा, उस दिन समझ लेना देश गुलाम हो जाएगा।”*

 

हम चुप नहीं बैठेंगे। हम लड़ेंगे। संविधान के लिए लड़ेंगे।

इस अवसर पर मुख्य रूप से मसूरी शहर अध्यक्ष भरत लाल एवं महामंत्री राम पाल भारती एवं प्रदेश सचिव विनय कुमार एवं महिला प्रकोष्ठ शहर अध्यक्ष पूजा ढींगरा एवं जिला उपाध्यक्ष राजेश शर्मा एवं जिला महासचिव सलीम अहमद एवं शहर उपाध्यक्ष प्रियतमा देवी एवं शहर सचिव पूजा बहनवाल एवं शहर संगठन मंत्री शुभम कुमार एवं शहर सचिव राजेश खन्ना एवं संतोष देवी एवं सुनीता एवं फूलवती देवी एवं जालिस कुरैशी एवं अंकुर भारती एवं प्रियांशु लाल एवं अन्य लोग मौजूद थे

 

 

 

 

 

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