देहरादून,19(फरवरी )2025, (बुध वार )! एक तरफ राज्य सरकार उत्तराखंड के साफ पर्यवारण के नाम पर केंद्र सरकार से विशेष बजट जारी कर विशेष आर्थिक सहायता हेतु पर्यावरण के नाम पर विशेष आर्थिक सहायता की माँग करती है वहीं देहरादून को स्मार्ट सिटी के नाम पर प्रचारित किया जा रहा है पहले ही देहरादून की हरयाली सीमित्त हो चुकी है दूसरी तरफ राज्य सरकार देहरादून सिटी के चारों और सडको (रोड ) चोड़ी करण के नाम पर अनगिनत वृक्षों की बलि चड़ जाएंगी चाहें बात भानिया वाला से ऋषिकेश मार्ग की हो या मसूरी रोड की हो राज्य सरकार को सोचना चाहिए की पर्यावरण को नुकसान ना पंहुचा कर प्रकृति का सरक्षण करना चाहिए अभी ज्यादा दिन दूर नहीं हुए सभी ने करोना काल में प्रकृति को समझा है उस वक्त चहु और ऑक्सीजन की मारा मारी थी ये शुद्ध हवा वायु हमें वृक्षों से मिलता है जो हमें प्राण वायु देतें है चखुवाला कार्यलय में बैठक करते हुए इसकी अध्यक्ष ता करते हुए राष्ट्रीय माह मंत्री वेद गुप्ता ने कहाँ कि चिपको आंदोलन कि तर्ज पर हरयाली को बचाने में सभी को आगे आना है और सबकी नैतिक जिम्मेदारी है उन्होंने कहाँ कि सिटी जन्स फॉर ग्रीन दून व डी सी एफ, देहरादून सिटी जन्स फोरम के नेतर्ताव में होने वाले आंदोलन में ना केवल राष्ट्र वादी आर टी आई एक्टिविस्ट एंड ह्यूमन राइट्स फेडरेसन ( भारत ) ना केवल आपना पूर्ण समर्थन देता है अपितु आंदोलन में भी आपनी सहभागिता निभाएगा वहीँ उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष राकेश भट्ट ने कहाँ कि राज्य सरकार को वृक्षों को नुकसान पहुचाये कोहि अन्य विकल्प अपनाना चाहिए क्योकि वृक्ष जीवन का आधार है, और आधार के बिना जीवन कि परिकल्पना व्यर्थ है वहीं उत्तराखंड प्रदेश माह मंत्री राकेश शर्मा ने कहाँ कि राज्य सरकार सभी पक्षो सामाजिक संगठनों से वार्ता कर संवाद कायम कर कुछ अन्य विकल्प पर विचार करें प्रकृति से समजस्य बैठना बहुत जरूरी है इस अवसर पर राजकुमार, एडवोकेट मनीष जैन, अरविन्द मल्होत्रा, कृष्ण गोपाल रुहेला, दारा सिंह, हेमंत शर्मा, कैलाश सेमवाल, बिजेंद्र सेमवाल, अमित वर्मा, शिवम् भट्ट, वैभव, राजेश नाथ आदि मौजूद रहें
