*विशेष कविता: जीवन का आधार हैं पर्यावरण

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*विशेष कविता: जीवन का आधार हैं पर्यावरण*

*लेखनी: संपादक कुलदीप सिंह | अटल लक्ष्य न्यूज पोर्टल*

जीवन का आधार हैं पर्यावरण,

प्राण वायु का आधार हैं।

कोरोना महामारी के कालखंड में,

देखा हमने बहुत कुछ था।

जब एक-एक आदमी ने जाना था,

वृक्षों का महत्व क्या था।

तब प्रकृति के नजदीक जो जुड़ा था,

वही सुरक्षित रहा था।

ऑक्सीजन के लिए जो भटका था,

उसने पेड़ों की कीमत पहचानी थी।

आज फिर विश्व पर्यावरण दिवस है,

आओ संकल्प लें इस बार।

हरियाली बचाएंगे, धरती सजाएंगे,

यही है जीवन का आधार।

इसका मोल हम पहचाने, यही आधार हमारा, हैं

नहीं चुका सकते हैं, हम मोल प्रकृति का,

रोम रोम हमारा ऋणी है,

अगर लगा सकूं तो एक वृक्ष लगा दूं,

वो अपनी मां के नाम पर,

संकल्प सभी को लेना है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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