उत्तराखंड :देहरादून,7अगस्त,2025, (वीरवार )! उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून स्मार्ट सिटी के दिल घंटाघर में आपको विकास व बदहाली की दों तस्वीरें देखने को मिलेंगी, जहाँ एक और राज्य सरकार सिटी को स्मार्ट सिटी बनाते हुए घंटाघर के पलटन बाजार में तोरण द्वार लगाकर उसे चमका रही है, साथ ही घंटाघर की तस्वीर भी बदल रही है उसी घंटाघर में आपको एक और तस्वीर नजर आयेगी जहाँ वर्षा का पानी निकासी की व्यवस्था (नाली )न होने के कारण सड़को में ही सड़ता रहता है और राहगीरों और दुकानदारों को इससे परेशानी हो रही है, नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर स्थानीय दुकानदारों ने इसका स्थाई समाधान कर ने की मांग की और कहाँ राज्य सरकार की स्मार्ट सिटी बनाने की मंशा पर सवाल खड़े होते है ये दोनों तस्वीरें विकास और बदहाली की गाथा को साफ दिखा रहे है जहाँ राज्य सरकार तों विकास के विज़न को आगे बड़ा रही है वहीं राज्य में कुछ अधिकारीयों व विभागों की अनदेखी से सरकार की छवि प्रभावित होती है। क्या जिम्मेदार विभाग व अधिकारी जागेंगे और व्यवस्था को सही कर स्मार्ट सिटी को चार चाँद लगाएंगे या बदसूरत ये समय के गर्त में है।वहीं इस रुके पानी से न केवल बदबू अपितु डेंगू के मछर का लार्वा भी पनप रहा है जिससे बीमारी का खतरा भी उत्पन्न हो रहा है। और ये रुका पानी स्मार्ट सिटी को बदसूरत बना रहा है, आखिर जिम्मेदार विभाग व अधिकारी कब इस तस्वीर में गौर फरमायेगे अब देखना है ये तस्वीर बदलती है या नहीं?
