माल्टा कि तुराई का मूल्य चाय के प्याले से भी कम ऱखना दुर्भाग्य पूर्ण है

आख़िर,

प्रदेश सरकार अभी 18वी सदी में है। 10₹ मतलब चाय के एक कप की कीमत से कम, अलवर माल्टा की तुड़ाई भी नहीं हो सकती।

ए और बी ग्रेड का माल्टा का कोई भी समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया गया, आखिर किसान इसे कहां ले जाएगा?

उद्यान विभाग की योजना से 200 पेड़ लगाने वाले रुद्रप्रयाग जिले के 92 वर्षीय किसान श्री अजितसिंह कंडारी (पूर्व सैनिक व अप्रा0वि0अ0) का कहना है कि प्रदेश की भाजपा सरकार अंधी-बिहारी है। एक महीने से धाद संस्था किसानों का माल्टा बेचकर मदद कर रही है। लेकिन सरकार को राजधानी में यह फल और किसान की महंगाई की पहली झलक नहीं दिख रही है। हम 2019-20 से माल्टा ए, बी, सी ग्रेड का स्वीकृत मूल्य घोषित करें, खेत से फल उठाव, 1 ₹ नहीं सरकार हमारे पेड़ो से लगभग 40 कु0 माल्टा स्वाद मुफ्त में ले जाएं या फिर हमें उद्यान विभाग की योजना में लगाएं 200 पेड़ माल्टा की कटर की मांग कर रहे हैं।

लेकिन आज तक सरकार के कानो में जूए नहीं रेंगा, विरोधस्वरूप हम माल्टा की इस फसल को नहीं तोड़ेंगे पक्षी, बंदर-लंगूर और चोट को खा जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *