नई दिल्ली :26(अप्रैल ),2025, (शनिवार )! सर्वोच्च न्यायलय ने वीर सावरकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में कांग्रेस सांसद और लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी को जमकर फटकार लगाई है अदालत ने राहुल को स्पष्ट चेतावनी दी, उन्हें आजादी (स्वतंत्रता ) दिलाने वालों का सम्मान करना होंगा इसी के साथ अदालत ने राहुल के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी जस्टिस दीपांकर दत्ता व जस्टिस मनमोहन ने कहा राहुल का ब्यान गैर जिम्मेदराना है हमें इस तरह स्वतंत्रता सेनानियों का मज़ाक नहीं बनाना चाहिए अभी तों हम छोड़ रहें है, अगर उन्होंने आगे ऐसा किया, तों शीर्ष कोर्ट स्वतः सज्ञान लेंगा और उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे पीठ ने राहुल के अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी से पूछा, क्या आपके मुवक्कील जानते है कि माहत्मा गाँधी भी जब वायसराय को सम्बोधित करते थे, तों खुद को उनका आज्ञाकारी सेवक बताते थे तों क्या उनको अंग्रेजो का गुलाम या सेवक कहा जाएगा? यहीं नहीं राहुल की दादी इंद्रा गाँधी जब प्रधानमंत्री थी, तों उन्होंने सावरकर की प्रशंसा की थी उनकी तारीफ में पत्र लिखा था जिसमें उन्हें सज्जन पुरष बताया था पीठ ने कहा, राहुल से कहिये कि स्वंत्रता सेनानियों के लिए गैर जिम्मेदारना ब्यान ना दें पीठ ने यूपी सरकार और शिकायत कर्ता नृपेंन्द्र पांडेय को नोटिस जारी किया और इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी
