*विशेष आलेख –सरदार कुलदीप सिंह
*शीर्षक: वर्तमान समय की चुनौतियों का मजबूती से सामना करता विकसित भारत का संकल्प और प्रण*
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वर्तमान समय चुनौतियों से भरा है। एक ओर चारधाम यात्रा, मानसून की आपदा, अघोषित बिजली कटौती से जनजीवन प्रभावित है, तो दूसरी ओर असामाजिक तत्व विकास की गति को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं। बजरंग सेतु पर कांच टूटना हो या चख्खूवाला क्षेत्र में विद्युत संकट – ये घटनाएं हमें सावधान करती हैं कि विकास के साथ-साथ सतर्कता और जनजागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है।
लेकिन उत्तराखण्ड डरने वाला नहीं, लड़ने वाला प्रदेश है। जब बाढ़ आती है तो यही देवभूमि के युवा कंधे से कंधा मिलाकर राहत कार्य में जुट जाते हैं। जब बिजली जाती है तो सामाजिक कार्यकर्ता मीना शर्मा जैसी बहनें आवाज उठाती हैं। यही है ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का जीवंत उदाहरण।
माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने सामान नागरिक संहिता लागू कर उल्लेखनिय कार्य किया है और बिना भेदभाव व बिना तुष्टिकरण की नीति के जनहित में सभी को सहभागी बनाने का जो संकल्प लिया, वह इसी ‘विकसित भारत’ की नींव को मजबूत करता है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 इस बात का प्रमाण है कि सरकार अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की आवाज भी सुन रही है। यह ‘सुशासन’ का सबसे बड़ा उदाहरण है।
‘अटल लक्ष्य’ का प्रण है कि हम केवल समस्याएं नहीं दिखाएंगे, समाधान भी दिखाएंगे। हमने देहरादून की बिजली कटौती छापी, तो साथ ही UPCL के ‘विद्युत सुधार अभियान’ को भी जनता तक पहुंचाएंगे। हमने जन आंदोलनों की खबर छापी, तो ‘मुख्यमंत्री जन संवाद’ कार्यक्रम की जानकारी भी हर घर तक पहुंचाएंगे। क्योंकि लोकतंत्र में पक्ष और विपक्ष दोनों जरूरी हैं, पर ‘विकास’ पर कोई समझौता नहीं हो सकता।
विकसित भारत का रास्ता गांव, गरीब, किसान, युवा और नारी शक्ति से होकर गुजरता है। जब ‘ड्रोन दीदी’ खेतों में दवा छिड़केंगी, जब ‘लखपति दीदी’ स्वयं सहायता समूह से आत्मनिर्भर बनेंगी, जब ‘पीएम सूर्य घर योजना’ से हर घर रोशन होगा – तभी 2047 का विकसित भारत साकार होगा। ‘अटल लक्ष्य’ इन सभी योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर ‘जन-जन तक सरकार’ पहुंचाने के लिए कृतसंकल्पित है।
आज समय है प्रण लेने का –
1. *प्रण:* नकारात्मकता फैलाने वालों को बेनकाब करेंगे, पर सकारात्मकता की मशाल जलाए रखेंगे।
2. *प्रण:* सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का योद्धा बनकर प्रचार करेंगे।
3. *प्रण:* ‘वोकल फॉर लोकल’ को अपनाकर उत्तराखण्ड के उत्पादों और प्रतिभाओं को मंच देंगे।
4. *प्रण:* आपदा में सहयोग, पर्व में उल्लास और चुनाव में निष्पक्षता – यही पत्रकारिता का धर्म निभाएंगे।
‘अटल लक्ष्य’ का नाम ही हमारा मार्ग है – लक्ष्य अटल है। चुनौतियां आएंगी, पर उत्तराखण्ड रुकेगा नहीं, झुकेगा नहीं। माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में देवभूमि विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगी और ‘अटल लक्ष्य’ इस यात्रा का सारथी बनकर हर कदम पर साथ रहेगा।
आइए, विकसित भारत के इस महायज्ञ में अपनी आहुति दें। क्योंकि ये हम सब कि नैतिक जिम्मेदारी व जवाबदेही है कि एक नागरिक के रूप में अपनी सहभागिता व जिम्मेदारी निभा कर देश को विकसित भारत में बदले,क्योंकि जब संकल्प अटल हो, तो लक्ष्य की प्राप्ति निश्चित है। और जब लक्ष्य एक हो तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता हैं। बस अपनी जिम्मेदारी व सहभागिता के साथ याद रखें कि तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहे न रहे यहीं भावना देश के सर्वांगीण विकास का नींव पत्थर मजबूत रखेगी। जब इरादे और संकल्प मजबूत हो तो आने वाली चुनौतीया कितनी भी मजबूत हो वो आपने आप धराशाही हो जाती हैं। यहीं संकल्प शक्ति है।
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